दवाओं के प्रकार: जेनरिक और ब्रैंडेड

दवाएं मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं – जेनरिक और एथिकल ब्रैंडेड। जेनरिक दवाओं को आमतौर पर सामान्य नाम से जाना जाता है और ये वही सक्रिय सामग्री रखती हैं जो मूल दवा में होती है। इन्हें अक्सर सस्ते में उपलब्ध कराया जाता है क्योंकि इन पर शोध और विपणन का बोझ नहीं होता।

दूसरी ओर, एथिकल ब्रैंडेड दवाएं उन कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं जिन्होंने मूल दवा का आविष्कार किया होता है। इन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही दिया जाता है और इनकी कीमत अक्सर जेनरिक दवाओं से अधिक होती है। इसका कारण अक्सर ब्रांडिंग, विज्ञापन और शोध लागत होता है।

हालांकि दोनों प्रकार की दवाओं के बीच कीमत और नाम में अंतर हो सकता है, लेकिन उनकी गुणवत्ता और प्रभाव में ज्यादा फर्क नहीं होता। भारत सहित अधिकांश देशों में, सभी दवा निर्माता कंपनियां दोनों प्रकार की दवाएं बनाती हैं। दरअसल, जेनरिक और ब्रैंडेड दवाओं को बनाने की प्रक्रिया में कोई

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