दिल्ली का इतिहास: अनंगपाल तोमर और ढिल्लिका की स्थापना

आज की व्यस्त और आधुनिक दिल्ली को देखकर अक्सर यह सवाल मन में आता है कि इस ऐतिहासिक शहर की नींव किसने रखी होगी। इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि आधुनिक दिल्ली की स्थापना का श्रेय अनंगपाल तोमर को जाता है, जिन्होंने 1052 ईस्वी में इस शहर की सुदृढ़ नींव रखी थी।

ऐतिहासिक प्रमाणों की बात करें तो, दिल्ली संग्रहालय में रखा गया वीएस 1383 (VS 1383) शिलालेख इस बात की स्पष्ट पुष्टि करता है कि तोमर राजवंश ने ही दिल्ली की स्थापना की थी। तोमर वंश ने आठवीं शताब्दी के प्रारंभ में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी थीं और शुरुआती दौर में हरियाणा के अनंगपुर गांव को अपनी राजधानी बनाया था। समय के साथ यह क्षेत्र और इसका प्रभाव बढ़ता गया, जो आज भारत की विशाल राजधानी के रूप में हमारे सामने है।

अनंगपाल द्वितीय (तोमर) केवल एक शासक नहीं थे, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में जल संरक्षण और निर्माण कला के कई बेहतरीन उदाहरण छोड़े, जिनमें अनंगपुर बांध आज भी उनके इंजीनियरिंग कौशल की गवाही देता है। इस प्रकार, तोमर राजवंश ने उस प्राचीन संस्कृति और पहचान को गढ़ा, जिस पर आज हमारी राजधानी की ऐतिहासिक नींव टिकी हुई है।

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