दिल्ली का इतिहास: इंद्रप्रस्थ से आज की राजधानी तक

भारत की दिल की धड़कन कही जाने वाली दिल्ली का इतिहास बेहद प्राचीन और दिलचस्प है। महाभारत काल में इस ऐतिहासिक नगर को इन्द्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जिसे पांडवों ने अपनी राजधानी के रूप में बसाया था। यमुना नदी के तट पर स्थित यह शहर सदियों से सत्ता और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है।

समय के साथ इस शहर के नाम बदलने को लेकर कई ऐतिहासिक कहानियां प्रचलित हैं। एक प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार, तोमर वंश के राजा धव ने इस क्षेत्र का नाम 'ढीली' रखा था। कहा जाता है कि राजा ने यहाँ स्थित एक लोहे के खंभे (लौह स्तंभ) को ढीला होने के कारण बदलवाया था। यही 'ढीली' शब्द समय के साथ बदलते-बदलते दिल्ली बन गया।

दिल्ली केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के कई साम्राज्यों के उत्थान और पतन की गवाह रही है। आज यह शहर अपनी समृद्ध विरासत, विशाल ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।

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