दिल्ली में धनकुबेरों की बढ़ती तादाद और उनका दबदबा
भारत की राजनीतिक राजधानी दिल्ली न केवल सत्ता का केंद्र है, बल्कि यह देश के सबसे अमीर लोगों के पसंदीदा ठिकानों में से एक भी है। जब बात देश के सबसे अमीर व्यक्तियों यानी अरबपतियों की आती है, तो दिल्ली इस सूची में बेहद मजबूत स्थिति में नजर आती है। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 51 अरबपति निवास करते हैं। इस बड़ी संख्या के साथ दिल्ली पूरे भारत में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर आती है।
हालांकि, अगर वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो भारत का कोई भी शहर दुनिया के टॉप-20 सबसे अमीर शहरों में अपनी जगह नहीं बना पाया है। लेकिन घरेलू स्तर पर मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में धनकुबेरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जहाँ देश की आर्थिक राजधानी मुंबई 72 अरबपतियों के साथ पहले पायदान पर है, वहीं दिल्ली 51 अरबपतियों के साथ उसे कड़ी टक्कर दे रही है। इस सूची में 28 अरबपतियों के साथ बेंगलुरु तीसरे स्थान पर है, जिसे भारत की सिलिकॉन वैली भी कहा जाता है।
दिल्ली में रहने वाले इन अमीरों में रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं। लुटियंस दिल्ली से लेकर दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाकों तक, इन उद्योगपतियों और कारोबारियों का साम्राज्य फैला हुआ है। बुनियादी ढांचे का विकास, बेहतरीन कनेक्टिविटी और बड़े व्यापारिक अवसर दिल्ली को अमीरों के लिए एक आदर्श शहर बनाते हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि दिल्ली सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि धन और वैभव के मामले में भी देश का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
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