दुनिया का मध्य बिंदु: उज्जैन
भारतीय ज्योतिष और खगोल विज्ञान में उज्जैन को प्राचीन काल से ही काल-गणना का केंद्र-बिन्दु माना जाता है। भौगोलिक और ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, पृथ्वी पर समय और दिशाओं की सटीक गणना करने के लिए इस स्थान को बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
देश के मानचित्र के अनुसार, उज्जैन 23.9 अंश उत्तर अक्षांश और 74.75 अंश पूर्व रेखांश पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी कुल ऊँचाई लगभग 1658 फीट है। प्राचीन काल में यहीं से प्रधान मध्याह्न रेखा (प्राइम मेरिडियन) गुजरती थी, जिसके कारण इसे दुनिया का सही भौगोलिक और समय का मध्य बिंदु माना गया।
इसी ऐतिहासिक और खगोलीय महत्व के कारण यहाँ प्राचीन वेधशाला यानी जंतर-मंतर भी स्थापित की गई थी, जहाँ से ग्रहों और नक्षत्रों की गति का अध्ययन किया जाता था। आज भी उज्जैन को समय और ज्योतिष की नगरी के रूप में पूरी दुनिया में विशेष पहचान प्राप्त है।
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