देवताओं की साल: मंडोर का ऐतिहासिक और अद्भुत मंदिर
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जोधपुर से कुछ ही दूरी पर स्थित मंडोर उद्यान अपनी सुंदरता और ऐतिहासिक इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। इसी परिसर में एक बेहद अनूठा और भव्य मंदिर स्थित है, जिसे 'देवताओं की साल' के नाम से जाना जाता है।
आम भाषा में 'साल' शब्द का प्रयोग एक लंबे बरामदे या ढके हुए गलियारे के लिए किया जाता है। मंडोर का यह मंदिर भी इसी अनूठी वास्तुकला की झलक प्रस्तुत करता है। इस विशाल चट्टान को तराशकर बनाए गए गलियारे में 33 करोड़ देवी-देवताओं की भव्य और कलात्मक प्रतिमाएं स्थापित हैं। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राचीन कला का भी एक अद्भुत नमूना है।
इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण जोधपुर के तत्कालीन महाराजा अजीत सिंह और उनके पुत्र राजा अभय सिंह के शासनकाल के दौरान हुआ था। कला और स्थापत्य का यह जोड़ 18वीं शताब्दी के मारवाड़ साम्राज्य की समृद्ध विरासत और धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाती है।
यदि आप जोधपुर की यात्रा पर हैं, तो मंडोर उद्यान की हरियाली के बीच स्थित यह मंदिर इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए देखने लायक एक शानदार जगह है।
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