नवा महीना लगने के बाद कब होती है डिलीवरी?

गर्भावस्था का सफर जैसे ही आखिरी पड़ाव पर पहुंचता है, होने वाली मां के मन में डिलीवरी के समय को लेकर उत्सुकता और घबराहट दोनों बढ़ जाती है। आमतौर पर माना जाता है कि नौवां महीना लगने के बाद डिलीवरी कभी भी हो सकती है। डॉक्टरी भाषा में कहें तो 37वें से 40वें सप्ताह के बीच होने वाली डिलीवरी को 'फुल टर्म' यानी पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।

कई बार महिलाओं को यह उलझन होती है कि क्या 36वें हफ्ते में डिलीवरी होना सही है? सामान्यतः 36 सप्ताह की प्रेगनेंसी को थोड़ा 'प्री-टर्म' या समय से पहले माना जा सकता है, लेकिन आज की आधुनिक चिकित्सा के दौर में 36वें हफ्ते में जन्मे बच्चे भी पूरी तरह स्वस्थ होते हैं। हालांकि, इस समय बच्चे के फेफड़ों का विकास आखिरी चरण में होता है, इसलिए डॉक्टर हमेशा कोशिश करते हैं कि बच्चा कम से कम 37 सप्ताह पूरे कर ले।

हर महिला के शरीर की बनावट और प्रेग्नेंसी की स्थिति अलग होती है। कुछ शिशुओं का जन्म नौ महीने पूरे होने से कुछ दिन पहले ही हो जाता है, जिसे नॉर्मल डिलीवरी का ही हिस्सा माना जाता है। यदि आपको नौवां महीना लगते ही पेट में तेज दर्द, पानी की थैली फटना या ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस समय डॉक्टर द्वारा दी गई 'ड्यू डेट' (EDD) के आसपास नजर रखना बेहद जरूरी होता है।

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