नींद में मौत क्यों आ सकती है?
कई बार हम सुनते हैं कि कोई व्यक्ति नींद के दौरान ही चल बसा। ऐसी घटनाएँ सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन वास्तव में यह कोई अचानक की बात नहीं होती। लगभग 99 प्रतिशत मामलों में, शरीर पहले से ही हृदय की कमजोरी के संकेत दे चुका होता है, लेकिन व्यक्ति उन्हें नजरअंदाज कर देता है।
दिल की धड़कन, छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या रात में अचानक जग जाना—ये सभी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। खासकर वे लोग जो हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, पलमोनरी हाइपरटेंशन या स्लीप एपनिया से ग्रस्त हैं, उनमें नींद में मौत का खतरा अधिक होता है।
स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें नींद के दौरान सांस रुक जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है और दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर दिल कमजोर पड़ने लगता है और आखिरकार क्रॉनिक हार्ट फेलियर हो सकता है, जिसकी वजह से रात के समय अचानक मौत भी हो सक
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।