नॉर्मल डिलीवरी के लिए बच्चेदानी का मुंह कितना खुलना जरूरी है?

गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में हर महिला के मन में नॉर्मल डिलीवरी को लेकर कई सवाल होते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है बच्चेदानी का मुंह (सर्विक्स) खुलना। सामान्य और सुरक्षित प्रसव के लिए सर्विक्स का पूरी तरह से चौड़ा होना बेहद जरूरी होता है ताकि शिशु आसानी से जन्म नलिका (बर्थ कैनाल) के माध्यम से बाहर आ सके।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नॉर्मल डिलीवरी के लिए बच्चेदानी का मुंह 10 सेंटीमीटर तक खुला होना अनिवार्य है। इस स्थिति को प्रसव विज्ञान में 'फुल डाइलेशन' (Full Dilation) कहा जाता है। जब सर्विक्स का आकार 1 से 3 या 4 सेंटीमीटर तक खुलता है, तो इसे शुरुआती लेबर पेन (Early Labor) माना जाता है। इसके बाद एक्टिव लेबर के दौरान यह तेजी से फैलते हुए 10 सेंटीमीटर के अंतिम आंकड़े तक पहुँचता है।

इस पूरी प्रक्रिया में समय हर महिला के शरीर और स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। पहली बार मां बन रही महिलाओं में 10 सेंटीमीटर तक बच्चेदानी का मुंह खुलने में थोड़ा अधिक समय (आमतौर पर 8 से 12 घंटे या ज्यादा) लग सकता है, जबकि दूसरी या तीसरी डिलीवरी में यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाती है। जब सर्विक्स 10 सेंटीमीटर तक चौड़ा हो जाता है, तभी शिशु का सिर बाहर आने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और डॉक्टर महिला को पुश करने की सलाह देते हैं।

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