नौ महीने में गर्भ में बच्चे का विकास कैसे होता है?
जब पति-पत्नी एक-दूसरे के करीब आते हैं और उनके बीच शारीरिक संबंध बनते हैं, तो एक नए जीवन की शुरुआत होती है। धीरे-धीरे गर्भ में बच्चे का विकास शुरू हो जाता है। नौवें महीने में बच्चा लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका होता है।
इस महीने बच्चे के फेफड़े पूरी तरह विकसित हो जाते हैं, जिससे वह जन्म के बाद स्वतंत्र रूप से सांस ले सके। गर्भ में उसकी हलचल भी तेज हो जाती है — वह पलकें झपकाता है, आँखें बंद करता है, सिर घुमाता है और चीजों को पकड़ने की क्षमता भी विकसित कर लेता है।
हालांकि, गर्भाशय में जगह कम होने के कारण, नौवें महीने के आखिर तक उसकी हलचल कम दिखाई देने लगती है। यह सामान्य बात है, क्योंकि बच्चा अब काफी बड़ा हो चुका होता है। इस समय उसका औसत वजन लगभग 2600 ग्राम और लंबाई 47.6 सेंटीमीटर होती है।
यह अद्भुत है कि कैसे एक छोटे से सेल से धीरे-धीरे एक पूरा इंसान बनता ह
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