पहली बाइबिल कौन सी थी?

गुटेनबर्ग बाइबिल, जिसे 42-पंक्ति बाइबिल या माजरीन बाइबिल भी कहा जाता है, दुनिया की पहली मुद्रित बाइबिल मानी जाती है। यह पश्चिमी दुनिया में मौजूद पहली पूर्ण पुस्तक भी है, जिसे चलने योग्य मुद्रण प्रकार से छापा गया था। इसका नामकरण जोहान्स गुटेनबर्ग के नाम पर किया गया है, जिन्होंने लगभग 1455 में जर्मनी के मेंज शहर में रहकर इसे पूरा किया था।

गुटेनबर्ग ने अपने आविष्कार के रूप में चलने योग्य धातु के अक्षरों और एक छोटी प्रेस का उपयोग किया, जो बाद में आधुनिक मुद्रण के आधार बना। इस बाइबिल में प्रत्येक पृष्ठ पर 42 पंक्तियां होती थीं, इसीलिए इसे 42-पंक्ति बाइबिल भी कहा जाता है। यह लैटिन भाषा में लिखी गई थी और बाइबिल के पूरे पाठ को शामिल करती थी।

इसके बनने के समय, पुस्तकें हाथ से लिखी जाती थीं, जो समय और लागत दोनों के मामले में बहुत महंगी होती थीं। गुटेनबर्ग बाइबिल ने एक क्रांति ला दी, क्योंकि अब एक ही समय में कई प्रत

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