<h2>पाकिस्तान में शादी की परंपराएं</h2> <p>पाकिस्तान में शादी का जश्न किसी बड़े त्योहार से कम नहीं होता, जो कई दिनों तक चलता है। यहाँ की शादियों में रंग-बिरंगे कपड़े, पारंपरिक संगीत और लजीज खान-पान का खास महत्व होता है, जो माहौल को बेहद खुशनुमा बना देता है।</p> <p>शादी की मुख्य रस्म को <strong>निकाह</strong> कहा जाता है, जो एक मौलवी द्वारा संपन्न कराई जाती है। इस पवित्र विधि में दुल्हन के पिता या संरक्षक को <strong>'वली'</strong> के रूप में जाना जाता है।</p> <p>निकाह का सबसे अहम हिस्सा <strong>'इजाब-ए-कबूल'</strong> होता है। इसमें दूल्हा और दुल्हन दोनों अपनी रजामंदी देते हुए तीन बार <strong>'कबूल है'</strong> कहकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करते हैं। इस पल के साथ ही दोनों का रिश्ता आधिकारिक और धार्मिक रूप से जुड़ जाता है, जिसके बाद दुआ पढ़कर इस खूबसूरत रस्म को पूरा किया जाता है।</p>
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