पीली सरसों का उत्पादन और उन्नत किस्में
भारतीय कृषि में पीली सरसों की खेती किसानों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। यदि पैदावार की बात करें, तो पीली सरसों का औसतन उत्पादन 16 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है। अगर इसे बीघा के हिसाब से समझें, तो एक बीघा जमीन में लगभग 4 से 5 क्विंटल तक सरसों की उपज आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
पीली सरसों की मांग बाजार में इसके उच्च तेल सामग्री के कारण अधिक रहती है। इस किस्म के बीजों में 44 से 45 प्रतिशत तक तेल की मात्रा पाई जाती है, जो इसे व्यावसायिक दृष्टि से काफी फायदेमंद बनाती है।
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर सरसों की कई उन्नत किस्में विकसित की गई हैं। इन्हीं में से एक प्रसिद्ध किस्म 'के 88' है, जिसे 1978 में विकसित किया गया था। यह फसल पककर तैयार होने में लगभग 125 से 130 दिनों का समय लेती है। सही समय पर बुआई, संतुलित खाद और उचित सिंचाई प्रबंधन से किसान इस किस्म से बेहतरीन मुनाफा कमा सकते हैं।
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