पृथ्वी की पहली वायुमंडलीय परत: क्षोभमंडल
जब हम आसमान की ओर देखते हैं, तो लगता है कि हवा कहीं भी एक जैसी है, लेकिन ऐसा नहीं है। पृथ्वी के चारों ओर हवा कई परतों में बंटी हुई है, और इनमें से सबसे निचली तथा पहली परत क्षोभमंडल है। यह वायुमंडल की सबसे महत्वपूर्ण परत भी मानी जाती है, क्योंकि यहीं पर हमारे जैसे जीवन के लिए आवश्यक हवा, मौसम और वर्षा होती है।
क्षोभमंडल की ऊंचाई अलग-अलग स्थानों पर अलग होती है। भूमध्य रेखा के पास यह लगभग 18 किलोमीटर ऊँचाई तक फैला है, जबकि ध्रुवीय क्षेत्रों में यह लगभग 8 किमी तक ही रहता है। यह अंतर धरती के आकार और घूर्णन के कारण होता है।
इस परत में एक खास बात यह है कि ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता जाता है। यानी जितना ऊपर जाएंगे, उतना ही ठंडा होगा। इसीलिए पहाड़ों की चोटियाँ बर्फ से ढकी रहती हैं, भले ही नीचे गर्मी पड़ रही हो।
क्षोभमंडल में ही बादल बनते हैं, हवाएं चलती हैं और तूफ
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