मनु और शतरूपा की उत्पत्ति
भगवान ब्रह्मा ने जब 11 प्रजातियों और 11 रुद्रों की रचना की तब अंत में उन्होंने स्वयं को दो भागों में विभक्त कर लिया। पहले भाग का नाम 'का' था और दूसरे भाग का नाम 'या' था।
पहला भाग मनु के रूप में और दूसरा शतरूपा के रूप में प्रकट हुआ।
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