पोटाश और डीएपी के दाम में भारी अंतर: किसानों के लिए चिंता की बात
हाल ही में जब किसानों ने पोटाश के दाम पूछे, तो पता चला कि सरकारी दुकानों पर इसकी 50 किलो की बोरी 840 रुपए में मिल रही है। लेकिन यही बोरी निजी दुकानों पर महज 550 रुपए में उपलब्ध है। यानी सीधे तौर पर किसानों को निजी बाजार में 290 रुपए की बचत हो रही है।
ऐसा ही हाल डीएपी का भी है। सरकारी लैम्पस में डीएपी की 50 किलो की बोरी 1244 रुपए की दर से बिक रही है, जबकि निजी दुकानों पर यह 1050 रुपए में मिल जाती है। इस तरह डीएपी पर भी किसानों को 194 रुपए की छूट मिल रही है।
यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। आखिर ऐसा क्यों है कि सरकारी दुकानों पर खाद महंगी बिक रही है? क्या सरकारी व्यवस्था में कोई खामी है? किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की बजाय उल्टा वे अतिरिक्त खर्च उठा रहे हैं।
खाद की कीमतों में इस तरह का अंतर न सिर्फ किसानों की जेब पर बल्कि उनके भरोसे पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता ह
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