जन्म के बाद बच्चा न रोए तो क्या होता है?
जब कोई बच्चा जन्म के बाद तुरंत नहीं रोता, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। डॉक्टर तुरंत बच्चे की सांसों की जांच करते हैं। कई बार बच्चे को उल्टा पकड़कर हल्के हाथों से नितंब और कमर पर थपथपाया जाता है ताकि वह रोने लगे। इस हल्की सी हिलाने या थपथपाने की क्रिया से बच्चे के फेफड़ों में हवा आती है और वह सांस लेने लगता है।
यदि बच्चा रोता नहीं है, तो यह "बर्थ एस्फिक्सिया" (जन्मकालीन ऑक्सीजन की कमी) का संकेत हो सकता है।ऐसी स्थिति में बच्चे के मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जो खतरनाक हो सकता है। यह स्थिति समय पर ध्यान न देने पर बच्चे के स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है, कभी-कभी जानलेवा भी। इसलिए जन्म के समय तुरंत नवजात पर निगरानी रखी जाती है।
आजकल अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के कारण ऐसी स्थिति को जल्दी पहचाना जाता है और तुरंत उपचार शुरू कर दिया जाता है। इससे बच्चे के स्वस्थ रहने की संभावना बहुत बढ़
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