शिशु की दिन की झपकी: सही और सुरक्षित स्थान

छोटे बच्चों के माता-पिता के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि बच्चा दिन में कहां सोता है और उनके लिए कौन सी जगह सबसे सुरक्षित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और 'लोरी ट्रस्ट' के अनुसार, जन्म के शुरुआती छह महीनों तक शिशु को दिन की झपकी के लिए भी उसी कमरे में सुलाना चाहिए जहां माता-पिता मौजूद हों। इसके लिए आप एक मूसा की टोकरी (Moses basket) या छोटी खाट (cot) का उपयोग कर सकते हैं। अपने सामने सुलाने से बच्चे की सुरक्षा बनी रहती है और आप उस पर नजर रख सकते हैं।

हालांकि, व्यावहारिक जीवन में बच्चे हमेशा एक ही जगह नहीं सोते। अक्सर देखा जाता है कि दिन में घूमते-फिरते समय बच्चे कार की सीट, प्रैम, बग्गी या स्लिंग (गोदी का कपड़ा) में ही आराम से सो जाते हैं। बच्चे स्वभाव से वहीं सो जाते हैं जहां उन्हें थोड़ा आराम और गर्माहट मिलती है।

अगर बच्चा प्रैम या कार की सीट में सो जाता है, तो ध्यान रखें कि उनकी स्थिति आरामदायक हो और उनका दम न घुटे। जब भी संभव हो, उन्हें समतल और सुरक्षित बिस्तर पर ही सुलाने का प्रयास करें ताकि उनकी रीढ़ की हड्डी और सांस लेने में कोई रुकावट न आए। दिन की झपकी बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए उनके सोने के स्थान को हमेशा सुरक्षित और शांत रखें।

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