ईसाई धर्म क्या है?

बाइबल के अनुसार, धर्म सिर्फ एक सिद्धांत या रीति-रिवाज नहीं है, बल्कि परमेश्वर के साथ व्यक्तिगत संबंध का नाम है। ईसाई धर्म की जड़ मसीह यीशु में विश्वास में है, क्योंकि यीशु न केवल एक आदर्श मानव थे, बल्कि देहधारी परमेश्वर भी थे।

जब यीशु पृथ्वी पर आए, तो उन्होंने न केवल उपदेश दिए, बल्कि परमेश्वर के प्रेम, क्षमा और त्याग को जीवंत रूप में दिखाया। उनका जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान मनुष्य को परमेश्वर के पास लौटाने का माध्यम बना।

प्राचीन कलीसियाएँ, जो यीशु में विश्वास करती थीं, उन्हें 'ईसाई' कहा गया। यह नाम नहीं, बल्कि एक पहचान थी — वो लोग जो प्रभु यीशु को अपना मसीह और तारक मानते हैं।

आज भी, ईसाई धर्म का सार यही है: विश्वास कि यीशु मसीह परमेश्वर हैं और उन्हीं के माध्यम से मनुष्य को उद्धार मिलता है। यह धर्म नियमों से नहीं, प्रेम से चलता है। यह उस व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है जो यीशु को अपने हृदय में आमंत्रित करत

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