बिना पानी की खेती: अलसी (तीसी) की फसल
भारत के कई हिस्सों में ऐसे किसानों की कमी नहीं है जो सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन फसल उगाते हैं। ऐसी ही एक खास फसल है अलसी, जिसे कई जगहों पर तीसी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में इसे तीसी ही कहा जाता है।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे उगाने के लिए अलग से सिंचाई की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। ठीक चने की फसल की तरह, यह सर्दियों के मौसम में बिना पानी के भी आसानी से पनप जाती है। प्रकृति की नमी और हल्की ठंड इसके विकास के लिए एकदम अनुकूल होती है।
अगर इसके जीवनचक्र की बात करें, तो खेत में बीज बोने से लेकर फसल के पूरी तरह पककर तैयार होने तक लगभग 150 दिन (करीब पांच महीने) का समय लगता है। कम मेहनत और कम पानी की आवश्यकता के कारण यह किसानों के बीच एक बेहद किफायती और उपयोगी विकल्प मानी जाती है।
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