ब्राह्मण के अन्य नाम: एक ऐतिहासिक झांकी

ब्राह्मण शब्द से हिंदू समाज में उन लोगों का बोध होता है जो पुरोहित वर्ग के रूप में धर्म, ज्ञान और शिक्षा के संरक्षक माने जाते हैं। परंतु ब्राह्मण के स्थान पर प्राचीन ग्रंथों में कई अन्य नाम भी इस्तेमाल हुए हैं। उत्तर दिया गया है कि ब्राह्मण को धर्मज्ञ, विप्र और द्विज भी कहा जाता है—ये नाम केवल उपाधि नहीं, बल्कि इनके पीछे गहरा दार्शनिक और सामाजिक अर्थ छिपा है।

विप्र शब्द संस्कृत के 'वि' (ज्ञान) और 'प्र' (प्रकट करना) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है — ज्ञान के प्रकाशक या जागरूक। इस तरह विप्र वह व्यक्ति है जो अपने अध्ययन और साधना के माध्यम से समाज को ज्ञान देता है।

वहीं द्विज का अर्थ है "दो बार जन्मा हुआ"। यह दूसरा जन्म उपनयन संस्कार (यज्ञोपवीत) के बाद माना जाता है, जब एक बालक को आध्यात्मिक जीवन का प्रारंभ मान लिया जाता है। इसलिए ब्राह्मण को द्विज कहने का यही आशय है — एक आध

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