पहला मनुष्य: स्वयंभू मनुष्य

हिंदू पुराणों के अनुसार, ब्रह्मा जी सृष्टि के सृजनकर्ता माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने सृष्टि में पहली बार मानव जीवन की रचना की। कहा जाता है कि ब्रह्मा जी ने एक ऐसे मनुष्य की रचना की, जो अपने आप से उत्पन्न हुआ — इसलिए उसे स्वयंभू मनुष्य कहा गया।

इस स्वयंभू मनुष्य को ही मानव संसार का पहला व्यक्ति माना जाता है। यह नाम 16 मई, 2017 को एक ऐतिहासिक घटना के तौर पर भी याद किया जाता है, जब इस धार्मिक विश्वास को लेकर चर्चा हुई। कई पुराणों में बताया गया है कि ब्रह्मा जी ने सृष्टि के आरंभ में मनुष्यों को ऋषि-मुनि स्वरूप में उत्पन्न किया, जो ज्ञान और धर्म का प्रचार करते थे।

भले ही विज्ञान इंसान की उत्पत्ति को विकास की प्रक्रिया माने, लेकिन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में स्वयंभू मनुष्य की अवधारणा एक गहरे अर्थ को छुपाए हुए है। यह कहानी सिर्फ उत्पत्ति नहीं, बल्कि आत्मज्ञान और आत्म-उत्पत्ति के विचार को भी दर्शाती है

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