भगवान भारत में ही क्यों जन्म लेते हैं?

भारत को कर्मभूमि कहा गया है, जहाँ न केवल मनुष्य, बल्कि देवता और भगवान भी जन्म लेने की इच्छा रखते हैं। पुराणों और शास्त्रों में ऐसे कई उल्लेख मिलते हैं जहाँ यह बताया गया है कि स्वर्ग में रहने वाले देवता भी भारतवर्ष की धरती को अत्यंत पवित्र और धन्य मानते हैं।

देवता स्वर्ग में भी गाते हैं—“धन्य हैं वे लोग जो भारत-भूमि में जन्मे”। ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ केवल भौतिक सुख नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति भी संभव है। स्वर्ग में तो देवता केवल भोग करते हैं, लेकिन वहाँ मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। इसलिए देवता भी जब अपने कर्मों के फलस्वरूप मोक्ष की इच्छा करते हैं, तो वे भारत में जन्म लेने के लिए तत्पर रहते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण, राम, वामन, परशुराम—सभी ने इसी धरती पर अवतार लिया। यह संयोग नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा और कर्मभूमि होने का परिणाम है। यहाँ की भूमि ऐसी है जो न केव

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