मनु और शतरूपा: मानव जाति के प्रथम जोड़े
भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का निर्माता माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने सृष्टि की शुरुआत में ही एक पुरुष और एक स्त्री का निर्माण किया। वह पुरुष थे मनु और स्त्री थीं शतरूपा। मान्यता है कि इसी जोड़े से पूरी मानव जाति की उत्पत्ति हुई।
इस तरह, मनु को मानव समाज के प्रथम पुरुष और सृष्टि के आदि पुरुष के रूप में जाना जाता है। शतरूपा का नाम भी इसी कथा में उभरता है, जो सौंदर्य और आदि स्त्रीत्व का प्रतीक मानी जाती हैं।
पुराणों के अनुसार, ब्रह्मा ने न केवल इन दोनों को सृजा, बल्कि उन्हें धरती पर जीवन की नींव रखने का आदेश भी दिया। इनकी संतानों से ही धीरे-धीरे मानव समाज का विस्तार हुआ। इसलिए आज जितने भी लोग इस धरती पर रहते हैं, उन सभी को मनु की संतान माना जाता है।
कुछ ग्रंथों में तो मनु को ब्रह्मा का ही अंश भी कहा गया है। इस विचार के अनुसार, हम सभी अंततः भगवान ब्रह्मा से जुड़े हुए हैं। यह कथा केवल धार्म
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