भारत और चीन के बीच सीमा: मैकमोहन रेखा

भारत और चीन के बीच सीमा को मैकमोहन रेखा कहा जाता है। यह रेखा पूर्वी हिमालय क्षेत्र में भारत और चीन के बीच सीमा निर्धारित करती है। 1914 में शिमला सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश भारत और तिब्बत के बीच इस रेखा पर सहमति हुई थी, हालांकि चीन ने इसे कभी मान्यता नहीं दी।

मैकमोहन रेखा अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत के बीच फैली हुई है। भारत इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, लेकिन चीन इसका विरोध करता रहा है। इसी विवाद के कारण 1962 में भारत और चीन के बीच एक बड़ा युद्ध हुआ, जिसमें चीन ने अस्थायी रूप से कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था।

आज भी यह रेखा दोनों देशों के बीच तनाव का केंद्र बनी हुई है। सीमा पर आज भी भारतीय और चीनी सैनिक तैनात रहते हैं। हाल के वर्षों में गलवान घाटी और अन्य स्थानों पर झड़पें भी हुई हैं।

मैकमोहन रेखा सिर्फ एक भूगोल की रेखा नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर

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