भारत की गुलामी और स्वतंत्रता का इतिहास

भारत का इतिहास सदियों पुराने संघर्ष और गौरवशाली गाथाओं से भरा हुआ है। अगर हम आधुनिक काल में विदेशी शासन की बात करें, तो 1757 के प्लासी के युद्ध के बाद से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश के राजनीतिक मामलों में दखल देना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे अंग्रेजों ने अपनी ताकत बढ़ाई और पूरे देश पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया।

व्यापार करने आए अंग्रेजों ने राजनीतिक परिस्थितियों का लाभ उठाकर भारत को अपनी गुलामी की बेड़ियों में जकड़ लिया। हालांकि ब्रिटिश हुकूमत का औपचारिक और सीधा शासन यानी ताज का राज (ब्रिटिश क्राउन) साल 1858 में शुरू हुआ, जब 1857 की क्रांति के बाद सत्ता कंपनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश सरकार के पास चली गई।

इस लंबे दौर में देशवासियों ने अमानवीय अत्याचार सहे और अनगिनत कुर्बानियां दीं। अंततः, सदियों के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश के एकीकरण के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों की गुलामी से पूरी तरह मुक्ति मिली और एक स्वतंत्र राष्ट्र का उदय हुआ।

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