भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य: सिक्किम
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में सिक्किम ने पूरी दुनिया के सामने एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। भारत का पहला पूर्ण रूप से जैविक (Organic) राज्य बनने का गौरव सिक्किम को प्राप्त है। इस दूरदर्शी यात्रा की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में एक संकल्प पारित कर सिक्किम को जैविक कृषि राज्य बनाने की आधिकारिक घोषणा की थी।
लगभग 75,000 हेक्टेयर कृषि भूमि पर चरणबद्ध तरीके से जैविक प्रथाओं को लागू किया गया। राज्य में रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया। इसकी जगह किसानों को वर्मीकंपोस्ट, जैविक खाद और पारंपरिक खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वर्षों के निरंतर प्रयास और कड़े नीतिगत निर्णयों के कारण सिक्किम की मिट्टी और फसलें पूरी तरह से रसायन-मुक्त हो गईं।
सिक्किम की इस उपलब्धि ने न केवल पर्यावरण और मिट्टी की सेहत को सुधारा, बल्कि जनस्वास्थ्य और पर्यटन को भी नई ऊंचाई दी। आज सिक्किम का यह सफल मॉडल भारत के अन्य राज्यों ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए टिकाऊ खेती का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।