भारत के पहले जिलाधिकारी कौन थे?

भारत में जिलाधिकारी (District Magistrate - DM) की पद्धति ब्रिटिश काल से शुरू हुई। आजादी से पहले भी कई ब्रिटिश अधिकारी इस पद पर नियुक्त थे। लेकिन जब भारत आजाद हुआ, तो धीरे-धीरे भारतीय अधिकारियों को इन पदों पर लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

अगर बात की जाए भारत के पहले भारतीय जिलाधिकारी की, तो इतिहास में श्री रामबाबू सक्सेना का नाम महत्वपूर्ण है। वे 24 जुलाई, 1946 को जिलाधिकारी बने और आजादी के समय तक इस पद पर रहे। उनकी नियुक्ति एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि ब्रिटिश अधिकारियों के बाद भारतीयों को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी।

इस सूची में पहले नाम श्री जे. एल. स्टब्स (1942 में) का आता है, लेकिन वे ब्रिटिश अधिकारी थे। इसके बाद श्री डी.पी. हार्डी और फिर रामबाबू सक्सेना का कार्यकाल आया। आजादी के बाद 1947 में श्री आर. पी. भार्गव ने भी जिम्मेदारी संभाली।

आज जिलाधिकारी प्रशासन की रीढ़ माने जाते हैं। लेकिन उनकी यात्रा की

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