भारत का पहला प्रेम विवाह: मनु और शतरूपा

भारतीय संस्कृति में विवाह को हमेशा एक पवित्र बंधन माना गया है। कई लोग सोचते हैं कि प्रेम विवाह आधुनिक समय की देन है, लेकिन सच तो यह है कि इसकी जड़ें प्राचीन काल तक जाती हैं।

हिंदू पुराणों के अनुसार, धरती पर पहला विवाह मनु और शतरूपा का हुआ था।

मान्यता है कि सृष्टि के आदि काल में भगवान ब्रह्मा ने मनु को सृष्टि का प्रथम पुरुष और शतरूपा को प्रथम स्त्री बनाया। इन दोनों के बीच हुआ विवाह ही मानव इतिहास का सबसे पहला विवाह माना जाता है।

इनके विवाह को केवल धार्मिक रीति या आदेश नहीं, बल्कि एक सहज प्रेम और साथ चलने के संकल्प के रूप में भी देखा जाता है। पुराणों में शतरूपा की सुंदरता और मनु के धार्मिक स्वभाव का वर्णन है, जो उनके बीच आकर्षण का कारण रहा होगा।

इसलिए कहा जा सकता है कि मनु और शतरूपा का बंधन हिंदू परंपरा में प्रेम विवाह का सबसे पहला उदाहरण है।

आज भी, जब कोई जोड़ा अपनी मर्जी से शादी करता है, तो उसमें मनु और

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