भारत का पुत्र: भरत

भरत रामायण काल के एक महान चरित्र हैं और राजा दशरथ के दूसरे पुत्र थे। उनकी माता महारानी कैकेयी थीं। राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—चारों भाई अयोध्या के प्रसिद्ध राजपरिवार के अंग थे। भरत को अपने बड़े भाई राम के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम के लिए याद किया जाता है।

जब राजा दशरथ ने राम को बन प्रवास पर भेज दिया, तो यह कैकेयी की इच्छा थी कि भरत को राजा बनाया जाए। लेकिन भरत ने ऐसा नहीं किया। वे राम के प्रति अपनी भक्ति और वफादारी दिखाते हुए उनके पैरों की प्रतिमा लेकर राज्य प्रशासन चलाने लगे। वे खुद को राजा नहीं मानते थे, बल्कि केवल राम के प्रतिनिधि।

भरत की निष्ठा, त्याग और धर्मनिष्ठा आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है। वे न केवल एक आदर्श भाई थे, बल्कि एक आदर्श नागरिक और शासक भी। उनका चरित्र हमें सिखाता है कि सच्चा प्यार और आस्था किसी के प्रति अंधविश्वास नहीं, बल्कि उसके मूल्यों को सम्मान देना है।

आज भी भारत में, जहाँ भी रामक

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