भारत और अमेरिका के गहराते व्यापारिक संबंध
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, और इस सफर में संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। साल 2018 में अमेरिका ने चीन को पछाड़कर यह शीर्ष स्थान हासिल किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और अधिक मजबूत हुए हैं।
वित्त वर्ष 2020-21 के आंकड़ों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 145 बिलियन अमरीकी डालर के स्तर पर पहुँच गया। भारत के लिए अमेरिका के साथ व्यापार की सबसे खास बात यह है कि भारत यहाँ 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर के व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) की स्थिति में है। इसका मतलब है कि भारत अमेरिका को सामान आयात करने की तुलना में अधिक निर्यात करता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी फायदेमंद है।
आज दोनों देशों के बीच केवल वस्तुओं का ही नहीं, बल्कि तकनीक, सेवाएं और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा व्यापार हो रहा है। यह मजबूत साझेदारी दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच गहराते भरोसे और आर्थिक रणनीतियों को दर्शाती है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।