भारत से वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और ईंधन का निर्यात
अक्सर यह माना जाता है कि भारत अपनी जरूरत का ईंधन दूसरे देशों से आयात करता है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत दुनिया के 106 देशों को पेट्रोल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करता है।
यह सफर सिर्फ पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं है। भारत उन खाड़ी और मध्य-पूर्व के देशों को भी रिफाइंड ईंधन बेचता है, जिन्हें पारंपरिक रूप से तेल का मुख्य भंडार माना जाता है। विशाल रिफाइनरियों और बेहतरीन शोधन क्षमताओं के दम पर भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरा है।
दूसरी ओर, घरेलू मोर्चे पर स्थिति थोड़ी अलग है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भारी कर (टैक्स) और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के कारण आम नागरिकों को पेट्रोल के ऊंचे दाम चुकाने पड़ते हैं।
इस प्रकार, जहां एक तरफ भारत बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों को परिष्कृत करके दुनिया भर में भेज रहा है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी जेब पर काफी भारी बोझ उठाना पड़ रहा है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।