भारत की सबसे ताकतवर और साहसी रानी
भारतीय इतिहास के पन्नों को पलटें तो कई महान शासकों और वीरांगनाओं के नाम सामने आते हैं, लेकिन अदम्य साहस और वीरता की जब भी बात होती है, तो सबसे पहला नाम वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई का आता है। उन्हें भारत के इतिहास की सबसे ताकतवर और प्रेरणादायक रानियों में शुमार किया जाता है।
उनका जन्म वाराणसी में हुआ था और बचपन में उन्हें प्यार से 'मनु' पुकारा जाता था। बचपन से ही उन्होंने तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र चलाना सीख लिया था। झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ विवाह के बाद वे झांसी की रानी बनीं। जब अंग्रेजों ने उनकी रियासत को हड़पने की साजिश रची, तब रानी लक्ष्मी बाई ने अकेले ही उनका डटकर मुकाबला किया।
सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने जिस अLपितीय पराक्रम का परिचय दिया, वह इतिहास में अमर हो गया। अपने दत्तक पुत्र को पीठ पर बांधकर अंग्रेजों से भीषण युद्ध लड़ने वाली रानी लक्ष्मी बाई आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना जगाती हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान के लिए कैसे डटे रहना चाहिए。
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