भारत और चीन के बीच व्यापार के बदलते आयाम
आज के समय में भारत अपनी जरूरत के कई तैयार उत्पादों के लिए चीन पर निर्भर बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार इस निर्भरता में कमी आने के फिलहाल कोई खास संकेत नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, आयात बढ़ने के पीछे सिर्फ तैयार माल ही नहीं, बल्कि मध्यवर्ती वस्तुएं भी शामिल हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में सुधार और कच्चे माल या इनपुट की बढ़ती मांग के कारण होने वाले मध्यवर्ती आयात को चिंता का विषय नहीं माना जाता है, क्योंकि यह देश के अंदरूनी उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों के तेजी से आगे बढ़ने का साफ संकेत देता है।
इसके अलावा, दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक सकारात्मक बदलाव यह भी देखा गया है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में 50 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापारिक लेन-देन को दर्शाती है।
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