भारत में इंजीनियरों की बेरोजगारी: कारण और सच्चाई

भारत में इंजीनियरिंग की डिग्री रखने वालों की संख्या तो बहुत ज्यादा है, लेकिन रोजगार पाने वालों की संख्या निराशाजनक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे कई गहरे कारण हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इंजीनियरिंग छात्रों में से केवल 40 प्रतिशत ही कभी इंटर्नशिप कर पाते हैं। और जो इंटर्नशिप करते हैं, उनमें से मात्र 7 प्रतिशत ही कई इंटर्नशिप का अनुभव लेते हैं।

इंटर्नशिप के बिना छात्र उद्योग की वास्तविक चुनौतियों से अनजान रहते हैं। इसके अलावा, केवल 36 प्रतिशत छात्र ही अपने कोर्स के दायरे से बाहर निकलकर कोई प्रोजेक्ट करते हैं। ऐसे में उनकी स्किल्स, वास्तविक जरूरतों से अलग रहती हैं।

कई इंजीनियरिंग कॉलेज अभी भी पुराने पाठ्यक्रम पर टिके हैं। वे उन नवीनतम तकनीकों या उद्योग की बदलती मांगों को नहीं पकड़ पाते। इसके अलावा, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान की कमी होती है। बहुत से छात्र सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए पढ

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