भारत में सरकारी कंपनियां: महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न
भारत के आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति में केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) का बहुत बड़ा योगदान है। देश की प्रमुख सरकारी कंपनियों को उनके वित्तीय प्रदर्शन, सालाना कारोबार और वैश्विक उपस्थिति के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न।
भारत सरकार का लोक उद्यम विभाग इन सभी सार्वजनिक उद्यमों की देखरेख और दिशा-निर्देशन के लिए नोडल विभाग के रूप में काम करता है। इन श्रेणियों में वर्गीकृत करने का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को वित्तीय और निर्णय लेने की स्वायत्तता देना है, जिससे वे बिना सरकारी हस्तक्षेप के बड़े निवेश कर सकें।
इनमें सबसे शीर्ष स्तर पर महारत्न कंपनियां आती हैं, जिन्हें सबसे अधिक व्यावसायिक स्वतंत्रता मिलती है। इसके बाद नवरत्न कंपनियां और फिर मिनीरत्न कंपनियां (जो श्रेणी 1 और श्रेणी 2 में विभाजित हैं) आती हैं। ऊर्जा, इस्पात, रेलवे, खनन और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ये सरकारी उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं।
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