भारत में गुलामी: एक ऐतिहासिक अध्ययन

भारत के सामाजिक और ऐतिहासिक ताने-बाने को समझने के लिए दास प्रथा का अध्ययन बेहद महत्वपूर्ण है। इस विषय पर गहन प्रकाश डालने वाली एक प्रमुख कृति 'स्लेवरी इन इंडिया' (Slavery in India) है। इस पुस्तक के लेखक अमल कुमार चट्टोपाध्याय (Amal Kumar Chattopadhyay) हैं, जिन्होंने भारतीय इतिहास के इस पहलू का बारीकी से विश्लेषण किया है।

यह पुस्तक वर्ष 1959 में नागार्जुन प्रेस (Nagarjun Press) द्वारा प्रकाशित की गई थी। इस ग्रंथ में भारत में दास प्रथा के स्वरूप, इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों और विभिन्न कालखंडों में इसके अस्तित्व से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित किया गया है। इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए यह पुस्तक भारतीय इतिहास के इस अध्याय को गहराई से समझने के लिए एक बेहद उपयोगी और प्रामाणिक स्रोत मानी जाती है।

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