भारत में चाय की खेती की शुरुआत

भारत में चाय का इतिहास बहुत दिलचस्प है। आज दुनिया भर में अपनी खास पहचान रखने वाली चाय की खेती की शुरुआत अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी। साल 1834 में भारत के गवर्नर-जनरल लॉर्ड बैंटिक ने देश में चाय की परंपरा शुरू करने और इसके उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था।

इस समिति की सिफारिशों के बाद, साल 1835 में सबसे पहले भारत के असम राज्य में चाय के बाग़ लगाए गए। असम की आबोहवा और मिट्टी चाय के पौधों के लिए बेहद अनुकूल साबित हुई, जिसके चलते यहाँ चाय का उत्पादन तेजी से बढ़ा। इसके बाद देखते ही देखते दार्जिलिंग और नीलगिरी जैसे पहाड़ी इलाकों में भी चाय के बागान विकसित किए गए।

आज असम न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में चाय उत्पादन के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक माना जाता है। यहाँ के बागानों से निकलने वाली चाय अपनी बेहतरीन खुशबू और स्वाद के लिए global level पर पसंद की जाती है।

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