भारत में डीजल और पेट्रोल की कीमतों का अंतर
वैश्विक बाजार में आमतौर पर उत्पादन लागत अधिक होने के कारण डीजल की कीमत पेट्रोल से ज्यादा होती है। लेकिन भारत में स्थिति इसके विपरीत रही है, जहां ऐतिहासिक रूप से डीजल हमेशा पेट्रोल के मुकाबले सस्ता मिलता आया है।
इस अंतर का मुख्य कारण दोनों ईंधनों पर लगने वाला अलग-अलग कर ढांचा (Tax Structure) है। भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तय करने में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले वैट (VAT) की बहुत बड़ी भूमिका होती है। डीजल पर लगने वाले कर अक्सर पेट्रोल की तुलना में कम रखे जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, ढुलाई का खर्च और डीलर कमीशन भी इन दोनों ईंधनों के खुदरा मूल्यों को प्रभावित करते हैं। हालांकि समय-समय पर वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव और घरेलू नीतियों के कारण इन कीमतों में बदलाव होता रहता है, लेकिन करों की अलग नीति ही भारत में डीजल को पेट्रोल से सस्ता रखती है।
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