भारतीय करेंसी नोट कैसे बनते हैं?
अक्सर जब हम हाथ में गांधी जी की तस्वीर वाला नोट लेते हैं, तो हमें लगता है कि यह किसी खास कागज पर छपा है। लेकिन असलियत बेहद दिलचस्प है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, हमारे देश में मुद्रा नोट कागज से नहीं बल्कि 100 फीसदी कपास (कॉटन) से तैयार किए जाते हैं। यही वजह है कि जेब में भूल से छूट जाने और पानी में भीग जाने के बाद भी ये नोट आसानी से नहीं गलते।
इन नोटों को बनाने के लिए एक विशेष फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है, जिसमें 75 प्रतिशत कपास और 25 प्रतिशत लिनन का मिश्रण मिलाया जाता है। इस मिश्रण को तैयार करते समय इसमें एक खास जिलेटिन चिपकने वाला (अधेसिव) घोल डाला जाता है। यह घोल नोटों को मजबूती देता है, जिससे वे लंबे समय तक चलते हैं और फटने से बचे रहते हैं।
इसके बाद, इन बेहद मजबूत कपास के पन्नों पर अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स जैसे कि वॉटरमार्क, सुरक्षा धागा (सिक्योरिटी थ्रेड) और खास स्याही का उपयोग करके छपाई की जाती है। इन सुरक्षा चक्रों के कारण ही असली और नकली नोटों की पहचान हो पाती है। तो अगली बार जब आप कोई नोट छुएं, तो याद रखें कि वह कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि कपास और लिनन की मजबूती का एक बेहतरीन नमूना है।
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