भारत में धार्मिक जनसांख्यिकी: एक नजर
भारत अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहाँ विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं, जो देश के सामाजिक ताने-बाने को एक अलग ही पहचान देते हैं। समय-समय पर होने वाली जनगणना और आधिकारिक आंकड़ों से देश की आबादी में विभिन्न धर्मों के अनुपात का पता चलता है।
हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, भारत में मुसलमानों की कुल आबादी लगभग 17.22 करोड़ है, जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग 14.2% हिस्सा है। वहीं, देश की बहुसंख्यक आबादी की बात करें तो हिंदुओं की संख्या 96.63 करोड़ यानी कुल आबादी का 79.8% है।
इसके अलावा, देश में अन्य धार्मिक समुदायों के लोग भी महत्वपूर्ण संख्या में निवास करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, ईसाई समुदाय की आबादी 2.78 करोड़ (2.3%) और सिख समुदाय की आबादी 2.08 करोड़ (1.7%) है। इनके अतिरिक्त, बौद्ध और जैन धर्म को मानने वालों की कुल आबादी एक प्रतिशत से भी कम है। यह विविधता ही भारत की असली ताकत और उसकी साझा संस्कृति का आधार है।
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