भारत में सरसों का तेल कैसे बनता है?

भारतीय रसोई और खान-पान में सरसों का तेल सदियों से एक प्रमुख स्थान रखता है। इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से पीली और भूरी सरसों, राई या तोरिया के स्वच्छ और स्वस्थ बीजों का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में सरसों का तेल बनाने की मुख्यतः दो लोकप्रिय विधियाँ हैं।

पहला तरीका पारंपरिक कच्ची घानी विधि है, जिसमें सरसों के बीजों को लकड़ी या धातु के कोल्हू में धीमी गति से दबाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में तापमान कम रहता है, जिससे तेल का प्राकृतिक तीखापन, गहरा रंग और इसके स्वास्थ्यवर्धक गुण बरकरार रहते हैं।

दूसरा तरीका रिफाइंड सरसों का तेल तैयार करने का है। इसमें सरसों के बीजों से सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्रक्रिया या आधुनिक मशीनों द्वारा तेल निकाला जाता है। इसके बाद तेल को साफ करके गंध और अशुद्धियों को हटाया जाता है, जिससे यह हल्का और उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए उपयुक्त बनता है।

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