भारतीय संगीत के रंग: रागों का अनंत संसार
भारतीय संगी timely रागों के माध्यम से भावनाओं को छूता है। यह संगीत केवल लय और स्वर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। प्रश्न उठता है कि भारतीय संगीत में कितने "रंग" हैं? यहाँ "रंग" से तात्पर्य रागों से है, जो हर भाव के लिए एक अलग स्वरूप धारण करते हैं।
शास्त्रीय संगीत में कुल 32 ठाटों का वर्णन मिलता है, परंतु व्यवहार में केवल 10 ठाटों का प्रयोग होता है। ये ठाट रागों के आधार हैं, जिनमें संगीत का पूरा सौंदर्य छिपा होता है। वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक संगीत में 72 थाट माने जाते हैं, जो उसकी समृद्ध परंपरा को दर्शाते हैं।
रागों की संख्या सही रूप से बताना मुश्किल है क्योंकि प्रत्येक राग के अनेक रूप, उपराग और प्रकार भी होते हैं। फिर भी, आज के समय में लगभग 378 राग ऐसे प्रचलित हैं जो विभिन्न संगीतकारों द्वारा गाए और बजाए जाते हैं।
इन रागों के माध्यम से संगीतकार सुबह की शांति, शाम की विरह-वेद
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