भोलेनाथ का जन्म: स्वयंभू महादेव
भगवान शिव, हम सभी के प्रिय भोलेनाथ, किसी सामान्य जन्म के परे हैं। वे न तो किसी माता-पिता के घर जन्म लेते हैं और न ही उनकी उत्पत्ति कोई साधारण घटना है। शिव स्वयंभू हैं—अर्थात वे स्वतः प्रकट हुए, कहीं से उत्पन्न हुए, बिना किसी कारण के भी।
हालांकि, पुराणों में उनकी उत्पत्ति के बारे में अद्भुत कथाएँ मिलती हैं। विष्णु पुराण के अनुसार, जब ब्रह्मा भगवान विष्णु के नाभि कमल से उत्पन्न हुए, तब शिव भगवान उसी विष्णु के माथे से निकले तेज के रूप में प्रकट हुए। यह तेज इतना प्रचंड था कि ब्रह्मा और विष्णु दोनों उसकी महिमा को समझ नहीं पाए।
इस तरह, शिव न तो किसी गर्भ से आए, न ही किसी देवता ने उन्हें जन्म दिया। वे तो वही प्रकाश हैं जो हर अंधकार को भगाता है। उनका अस्तित्व स्वतंत्र, अखंड और अनंत है।
इसलिए जब कोई पूछे कि भोलेनाथ का जन्म कहाँ हुआ, तो उत्तर है—वे कहीं नहीं पैदा हुए, बल्कि सब कुछ उनसे पैदा हुआ। वे तो वह
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।