मंदिर का पुराना नाम और इसका अर्थ
कई बार हम 'मंदिर' शब्द का उपयोग सामान्यतः किसी भी धार्मिक स्थल के लिए कर देते हैं, लेकिन वास्तव में इसका पुराना और उचित नाम कुछ और है। मंदिर शब्द की जड़ संस्कृत में है, जिसका शाब्दिक अर्थ है – 'घर'। लेकिन यह घर किसी साधारण व्यक्ति का नहीं, बल्कि देवता का होता है।
इसलिए प्राचीन समय में इन्हें सीधे 'मंदिर' नहीं कहा जाता था। बल्कि इनके नाम देवता के नाम पर रखे जाते थे। जैसे – देवमन्दिर, शिवमन्दिर, कालीमन्दिर, विष्णुमन्दिर आदि। ये नाम न सिर्फ स्पष्टता देते थे, बल्कि उस विशेष देवता के प्रति श्रद्धा को भी दर्शाते थे जिनके नाम पर मंदिर बना होता था।
समय के साथ 'मंदिर' शब्द सार्वभौमिक हो गया, लेकिन मूल भावना वही रही – देवता का घर। हर मंदिर एक ऐसा स्थान है जहाँ मनुष्य भगवान के निकट पहुँचने की कोशिश करता है। इसलिए यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का केंद्र रहा है।
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