मनुष्य और कीड़े: एक दूर के पूर्वज से अलग पथ

क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य और एक छोटे से कीड़े के बीच कितना अंतर है — और फिर भी हम सभी के कुछ समान पूर्वज थे? जी हाँ, मनुष्य और कीड़ों का विकास एक ही जीव से शुरू हुआ, लेकिन फिर समय के साथ दोनों अलग-अलग रास्तों पर चल पड़े।

लगभग 60 करोड़ साल पहले, प्रारंभिक जीवन के दौर में, वह पल आया जब कशेरुकी (हमारी तरह जीव) और निर्वीर्धमनी (कीट, कीड़े आदि) के बीच विकास की राहें अलग हो गईं। यह विभाजन इतना पुराना है कि उस समय पृथ्वी पर अभी तक स्तनधारी या यहाँ तक कि डायनासोर भी नहीं थे।

हमारा दिखावटी शरीर, जटिल दिमाग और द्विपद चलना — ये सब बहुत बाद में आए। कीड़ों ने अपनी तरह के वातावरण के अनुकूल होने का रास्ता चुना: छोटे आकार, तेज प्रजनन और विविध आवासों में रहने की क्षमता।

विज्ञान कहता है कि हम एक दूर के पूर्वज से उत्पन्न हुए — शायद कोई सूक्ष्म, जेली जैसा जीव जो समुद्र में तैरता होगा। धीरे-धीरे आन

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