मरते समय आत्मा कैसे निकलती है?
मृत्यु के समय आत्मा का शरीर छोड़ना एक गहरा आध्यात्मिक प्रश्न है। गरुड़ पुराण के अनुसार, आत्मा शरीर के नौ द्वारों में से किसी एक के माध्यम से बाहर निकलती है। इन नौ द्वारों में दो आंखें, दो कान, दो नासिका के छेद, मुंह और उत्सर्जन तथा जननांग शामिल हैं।
मान्यता है कि आत्मा किस द्वार से निकलती है, यह व्यक्ति के कर्मों और जीवन की गति पर निर्भर करता है। कुछ लोगों की आत्मा आंखों से निकलती है, तो किसी के मुंह या नाक से। लेकिन जिन लोगों की आत्मा निचले द्वार से निकलती है, उनके शरीर से मल-मूत्र बह जाते हैं। यह घटना मृत्यु के तुरंत बाद या उससे थोड़े पहले देखी जाती है।
यह विश्वास न केवल धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, बल्कि आज भी कई संस्कृतियों में मृत्यु के समय शरीर की इन लक्षणों को गंभीरता से लिया जाता है। आत्मा के निकलने की यह अवधारणा सिर्फ एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के चक्र को समझने का
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