भगवान महादेव की पांच नाग कन्याएं
भगवान शिव, जिन्हें महादेव भी कहा जाता है, केवल गणेश और कार्तिकेय के पिता ही नहीं हैं, बल्कि कुछ मान्यताओं के अनुसार उनकी पांच नाग कन्याएं भी हैं। इनका नाम जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतलि बताया जाता है। ये नाम अक्सर पौराणिक कथाओं और स्थानीय मान्यताओं में सुनने को मिलते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सर्प देवताओं की पूजा का विशेष महत्व है।
कहा जाता है कि भगवान शिव ने स्वयं इन पांच कन्याओं के बारे में बताया था। उनके अनुसार, जो व्यक्ति सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को इन नाग कन्याओं की पूजा करता है, उसके परिवार पर सर्पदंश का कभी भय नहीं रहता। यह मान्यता आज भी कई ग्रामीण इलाकों में गहराई से जीवित है।
लोग सावन में नाग पंचमी के दिन नाग देवताओं की पूजा के साथ-साथ इन कन्याओं के नाम भी लेते हैं। यह विश्वास है कि महादेव की ये पुत्रियां विष को नष्ट करने वाली शक्ति की धारक हैं और उनकी कृपा से सांपों का डर दूर रहता ह
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