महाभारत का असली हीरो कौन था?
महाभारत के करोड़ों पात्रों में से जब बात 'असली हीरो' की आती है, तो दिल बेसुध होकर अर्जुन का नाम लेता है। ना केवल वह एक महान धनुर्धर था, बल्कि एक ऐसा योद्धा था जिसने अपने संदेहों के बीच भी धर्म का मार्ग चुना।
कुरुक्षेत्र के मैदान में जब उसके सामने गुरु, रिश्तेदार और परिवार खड़े थे, तो अर्जुन का मन हिचकिचाया। उसने धनुष छोड़ दिया, लेकिन भगवान कृष्ण ने उसे गीता का उपदेश देकर फिर से धर्म के पथ पर खड़ा किय negotiating a complex moral dilemma। यही उसकी महानता है—वह निर्भय था, पर मूर्ख नहीं। उसने सोचा, डगमगाया, फिर फैसला लिया।
अर्जुन ने अकेले हजारों दुष्टों का सामना किया। उसकी गांडीव दुनिया भर में अजेय मानी जाती थी। वह न केवल युद्ध में, बल्कि जीवन के प्रति दृष्टिकोण में भी अद्वितीय था। उसकी विनम्रता, तपस्या और निष्ठा ने उसे सच्चा नायक बनाया।
कई लोग कहते हैं कि श्रीकृष्ण ही असली नायक थे, और यह भी मान्य है। पर वह तो थे स्वयं भ
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