मुंबई नाम का अनोखा इतिहास
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई न केवल अपनी रफ्तार के लिए जानी जाती है, बल्कि इसका इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। क्या आप जानते हैं कि आज जिस शहर को हम मुंबई के नाम से जानते हैं, उसका यह नाम कैसे पड़ा? इस शहर का नाम किसी राजा या किसी बड़े साम्राज्य पर नहीं, बल्कि एक स्थानीय देवी के नाम पर रखा गया है।
मुंबई का यह नाम मुंबा देवी से लिया गया है, जिन्हें मां दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है। कोली समाज के लोग प्राचीन समय से ही उन्हें अपनी संरक्षक देवी मानते आए हैं। इस नाम को ध्यान से समझें तो 'मुंबई' शब्द दो अलग-अलग हिस्सों से मिलकर बना है। पहला हिस्सा है 'मुंबा' या महा-अंबा (देवी) और दूसरा शब्द है 'आई', जिसका मराठी भाषा में मतलब 'मां' होता है। इस तरह मुंबई का सीधा अर्थ 'मां मुंबा' है।
ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजों ने अपनी सहूलियत के हिसाब से इस शहर का नाम बदलकर 'बॉम्बे' कर दिया था। लंबे समय तक इसे बॉम्बे ही कहा जाता रहा। लेकिन सन 1995 में तत्कालीन शिवसेना सरकार ने आधिकारिक रूप से बॉम्बे का नाम बदलकर फिर से मुंबई कर दिया, ताकि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वापस लाया जा सके।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।